मंगलवार, 28 सितंबर 2010

सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या हुआ........................

"सत्यानाश हो राष्ट्रमंडल खेलों का "........................
मैं नहीं कह रहा हूँ  वल्कि एक वरिष्ट  केन्द्रीय मंत्री श्री मणिशंकर अय्यर जी का यह बयान पिछलें दिनों काफी चर्चित हुवा था , और आज समाचार पत्रों के माध्यम से  ज्ञात हुवा है की ' अय्यर  साहब  राष्ट्र  मंडल खेलो के दौरान देश से बाहर रहेंगे ,यह  प्रत्यक्ष  या परोक्ष   रूप में अय्यर साहब द्वारा  देश में आयोजित होने जा रहे इन खेलों का बहिस्कार नहीं तो और क्या है ? 
बाहर हाल अय्यर साहब आपने सुना ही होगा की " दवाओं से अधिक दुवाओं में असर  होता  है " लेकिन आपके लिए
राहत की बात है की आपकी तो बद्द (दुवाओं ) में भी कम असर नहीं है, अभी तक सब कुछ आपकी बद्द (दुवाओं) के मुताबिक ही चल रहा है , निश्चित ही यह सब आपके लिए संतोष की बात हो सकती है .हाँ खेलों के दौरान आप कही भी रहो यह देखना शेष है की आपकी  बद्द(दुवायें ) आगे कितना असर दिखाती हैं, लेकिन अय्यर साहब आप भूल रहें की देश एवं देश वासियों   के प्रति भी आपकी कोई जिम्मेदारी बनती है जिनसे आप भाग नहीं सकते हो i 
 .......बेटी की शादी  है  तैयारियां तो चलती ही रहेंगी .......................
मैं नहीं कह रहा हूँ बल्कि दिल्ली की मुख्यमंत्री  सु श्री शीला दीक्षित   जी का यह बयान उस बखत आया जब पुरी दुनियां में राष्ट्र मंडल खेलों को लेकर  आशंका के बादल मंडरा रहे थे और बाराती विवाह पंडाल को छोड़ होटलों का रुख करने लगे थे यहाँ तक की कई बारातियों ने तो बारात में शामिल  होने को भी मना कर दिया और आप कहती हैं की " तैयारियां  तो चलती ही रहेंगी" आंखिर कब तक ?
 इतना ही नहीं   ......कमनवेल्थ गेम फेडरेसन के अध्यक्ष्य एवं अन्य देशों की भी शिकायत आ रही है की खेल गाँव की गंदगी एवं  रख-रखाव को देखते हुए वहां पर खिलाडियों का रहना मुमकिन नहीं है ,
खेल गाँव  की गंदगी हो या फिर बाथरूम में रेंगता हुवा सांप, फट्टा रहित बिछौना हो या फिर दीवारों में अंकित जर्दा एवं पान के लाल-लाल कलात्मक छींटे सभी मिलकर  शिकायतकर्ताओं की दावों की पुष्टि करते हैं , इन सब के बावजूद
भी यदि हम राष्ट्र मंडल खेलों के  अयोज़ंन में सफल  हो जाते हैं  तो भी मनं में एक कसक तो रहेगी ही की " सब कुछ लुटा  के होश में आये तो क्या हुआ........................   







8 टिप्‍पणियां:

  1. सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या आये ?

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  2. सच्चाई को आपने बहुत ही सुन्दरता से बयान किया है! उम्दा प्रस्तुती!

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  3. शुक्र है खेलों की शुरुआत अच्छी हुई | कामना है मणिशंकर जी की (बद) दुआओं के बावजूद खेल अच्छी तरह निबट जाएँ ताकि भारत की और अधिक बदनामी न हो पाए |

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  4. .

    By the way , India has earned two gold medals by now and is second in rank.

    I wish a huge success for my motherland !

    .

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  5. khelon ki shuruaat bahut hi achhi huyi aur umeed hai achhi tarah se nipat bhi jayenge,.........
    bhai ye to bharat mein hamesha hota raha hai..lekin ant bhala to sab bhala..

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  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

    आपको और आपके परिवार को नवरात्र की हार्दिक शुभ कामनाएं

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